Wednesday, October 03, 2007

मेरी पहचान मुझे लौटा दो ब्‍लॉगवालो

ब्‍लॉगिंग की दुनिया के डाइनासोर तो नहीं हैं हम, पर एकदम नए भी नहीं रहे। साल भर होने को आया। बड़ा तो नहीं है पर गलतफहमी पाले रहते हैं कि छोटा सा नाम तो है ही। ब्‍लॉग शोधार्थी हैं, ब्‍लॉगर भी। पर एकाएक गड़बड़ हो गई लगता है। गड़बड़ यह है कि हमारा नाम चोरी हो गया है। साफ साफ समझाया जाए-

ये नारद पर नीलिमा की लिखी पोस्‍टों के लिए कैप्‍चर्ड छवि देखें-

name swap

देखा आपने ये हमारी तस्‍वीर जिन पोस्‍टों के साथ दिख रही है वे हमने नहीं लिखीं वे तो एक अन्‍य ब्‍लॉगर साथी  नीलिमा सुखिजा अरोरा ने लिखी हैं। ऐसा नहीं है कि केवल नारद से ही यह गड़बड़ हुई, चिट्ठाजगत पर नीलिमा लेखक की प्रविष्टियॉं के लिए छवि ये है-

name chittha

यानि वहॉं भी हम दो नीलिमाओं की पहचान गड्डमड्ड है। यूँ इसमें दोष किसी का नहीं है, सिवाय इस बात के कि तकनीक इन दो नामों से भ्रमित हो रही है। और नारद ने अति उत्‍साह में हमारी तस्‍वीर जो उनके पास हमारे दो ब्‍लागों के कारण पहले से ही थी, नीलिमा सुखिजा जी के ब्‍लॉग को हमारा तीसरा ब्‍लॉग मानकर चस्‍पां कर दी और फिर ईमेल किए जाने पर भी किसी कारण हटा नहीं पाए। इस प्रकरण में हमें वो स्‍कूली दिन याद आए जब एक ही कक्षा में कविता, सीमा जैसे नाम एक ये ज्‍यादा होने पर फर्स्‍ट, सेकेंड कहकर काम चलाते थे पर वो तो यहॉं शायद हो नहीं सकता पर जो हो सकता हो किया जाए पर पहचान के इस घालमेल को खत्‍म करो भई।

11 comments:

अभिनव said...

लेकिन ब्लागवाणी पर तो आप और नीलिमा अरोरा अलग अलग ही हैं।
आपके इस लेख के बाद दोनों जगह गलतियां सुधर जायेंगीं:)

Udan Tashtari said...

हम पहले से ही जानते थे कि यह वाली नीलिमा जी वह वाली नीलिमा जी नहीं हैं. वह वाली नीलिमा जी दूसरी वाली नीलिमा जी हैं और यह वाली दूसरी वाली नीलिमा जी हैं. अच्छा हुआ यह वाली नीलिमा जी आज बोलीं वरना नये लोगों को तो कन्फ्यूजन ही बना रहेगा कि यह वाली नीलिमा जी और वह वाली नीलिमा जी में से कौन सी यह वाली नीलिमा जी हैं और कौन सी वह वाली नीलिमा जी.

Sanjeet Tripathi said...

हा हा, चलिए स्कूली दिनो की याद तो ताज़ा हुई आपकी!!

वैसे यह गलती फ़ौरन सुधार लेनी चाहिए उन्हें।

ब्लॉगवाणी पर यह गलती नही दिखी!

Shastri JC Philip said...

बधाई हो ! बहुत कम लोगों को एक से अधिक आईडेंटिटी मिल पाती है -- शास्त्री जे सी फिलिप

मेरा स्वप्न: सन 2010 तक 50,000 हिन्दी चिट्ठाकार एवं,
2020 में 50 लाख, एवं 2025 मे एक करोड हिन्दी चिट्ठाकार!!

Raviratlami said...

आइडेंटिटी क्राइसिस?

संजय बेंगाणी said...

आप कौनसी नीलिमा है? :)

Jitendra Chaudhary said...

चूंकि सब कुछ स्वचालित होता है, इसलिए कम्यूटर गलती कर सकते है। मेरे ख्याल से यह गलती Display Name एक जैसे होने से हुई है, अब चूंकि चिट्ठाकार बढ रहे है इसलिए सिर्फ़ FirstName ही काफी नही होगा, इसलिए लोग अपने डिस्प्ले नाम को पूरा लिखे, जैसे Neelima-Arora अथवा Neelima-Singh या कुछ ऐसा ही। इससे कम से कम एग्रीगेटर तो कफ़्यूज नही होंगे।

PD said...

अगर ऐसा ही रहा तो एक दिन आपसे भी ये सवाल पूछा जा सकता है- नीलिमा जी, आपका नाम क्य है?? :D

neelima sukhija arora said...

नीलिमा जी, पुराने लोग कह गए हैं नाम में क्या रखा है। पर नाम में बहुत कुछ रखा है जब मैं नारद में अपने ब्लॉग पर आपकी तस्वीर लगी देखती थी तो मुझ पर क्या गुजरती होगी।
वैसे तो हमारा नाम ही बहुत अनकॉमन है पर फिर भी मिल ही गया। इसके लिए मैं नारद टीम को कई बार ईमेल भी कर चुकी हूं पर वो लोग हैं कि उनके कान पर जूं भी नहीं रेंगती। ब्लॉगवाणी में तो हालांकि ये जल्दी ही ठीक हो गया पर नारदवालों की तो नारायण ही जाने। ये गलती बार-बार ना दुहरायी जाए इसके लिए मैंने तकनीकी रूप से ज्यादा जानकारी ना रखते हुए भी अपना फोटो ब्लॉग पर चस्पा किया कि शायद अब समस्या खत्म हो जाए। फिर यू आर एल बना कर भी फोटो चस्पा किया तब भी बात बनती नहीं दिखती। ये तो कुत्ते की पूंछ की तरह जस की तस बनी हुई है।
अपने सब ब्लॉगरिया मित्रों से इस समस्या का समाधान पूछ चुकी हूं और जितने हल बताए गए सब आजमा चुकी हूं पर वही ढाक के तीन पात। अब सोच रही हूं किसी ओझा-वोझा को बुला कर अपना ब्लॉग और नारद दिखवा दूं। इस समस्या का तो यही हल नजर आता है मुझे। बंधुओं आप में से किसी के पास कोई हल हो तो मुझे जरूर बताइएगा।
--नीलिमा सुखीजा अरोड़ा

Rachna Singh said...

both neelima s should get their blog deeletd from the narad . after deletion all entries will be removed permanently . then you should be able to re register
and its my suggestion that for wide reach submit your link to google and follow there process its too simple . as soon as they will verify your site they will crawl it regularly. also in add content in your blog please put some links of indian news papers with names and some good site like taj mahal which are searched ofeten and surferswill come to you thru google . if you dont feel odd get in touch with me i can sureyl help you to make your blog visible .

Shrish said...

हा हा, ये बात मैंने काफी दिन पहले नोट कर ली थी और सोचा भी कि कभी नारदमुनि को इस बारे चेताया जाए पर टलता रहा।

खैर इसी बहाने आप दोनों नीलिमाएँ परिचित तो हो गई। :)